विकसित छत्तीसगढ़ 2047" एवं भूतपूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया
भैयाथान/ रविशंकर त्रिपाठी शासकीय महाविद्यालय भैयाथान, सूरजपुर में प्राचार्य चंद्रभूषण मिश्रा की अध्यक्षता में सेमिनार विषय "विकसित छत्तीसगढ़ 2047" एवं भूतपूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का प्रारंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती के प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर एवं छत्तीसगढ़ के राज्यगीत के द्वारा किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि माननीय अखिलेश प्रताप सिंह जिला पंचायत सदस्य भैयाथान, सुलोचनी पैकरा जनपद पंचायत अध्यक्ष भैयाथान, सुनील साहू जनभागीदारी समिति अध्यक्ष, विभू प्रताप सिंह, कृष्ण सिंह सरपंच ग्राम पंचायत जमड़ी ,सिद्धार्थ प्रताप सिंह , अमन प्रताप सिंह उपस्थित रहे।
प्राचार्य चन्द्र भूषण मिश्र के द्वारा समस्त अतिथियों का सम्मान के रूप में पौधा एवं पुष्प गुच्छ के साथ किया तथा इस कार्यक्रम के मूल उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विकसित छत्तीसगढ़ 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित रूप में स्थापित करने के लिए सिर्फ एक व्यक्ति के सहयोग से नहीं बल्कि सभी प्रदेश वासियों को पूर्ण सहयोग अति आवश्यक है। आगे उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को बनें हूए 25 वर्ष पूर्ण हो गया है और शासन की ओर से अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसका लाभ मिल रहा है आने वाले समय में और भी लाभकारी होगा इसी क्रम में अखिलेश प्रताप सिंह अपना विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है जिसका उपयोग छत्तीसगढ़ के विकास में किया जा सकता है इन्हीं संसाधनों के फलस्वरूप इसका पहचान भारत के साथ विदेश में भी रखता है सुलोचनी पैकरा ने नारी के महत्व को बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित बनाने महिलाओं की भी भूमिका महत्वपूर्ण है वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं चाहे वह शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, प्रशासन इत्यादि क्षेत्रों में विशेष भूमिका निभा रही हैं इससे यह पता चलता है कि छत्तीसगढ़ विकास की ओर अग्रसर है।
इस कार्यक्रम के साथ साथ भूतपूर्व छात्र बैठक का भी आयोजन किया गया जिसमें भूतपूर्व छात्रों में नीलेश नाविक, रूपेन्द्र कुशवाहा, आशीष कुमार सिंह, विष्णु कुमार पैकरा, सतीश कुमार गुप्ता और अखण्ड प्रताप सिंह, रमेश यादव,सावन गोयल, अमन प्रताप सिंह, अभिषेक गुप्ता, सिद्धार्थ सिंह भूतपूर्व छात्र के रूप में उपस्थित रहे सर्वप्रथम सावन गोयल ने अपने विचार रखते हुए बताया कि भैयाथान महाविद्यालय का प्रारंभ भैयाथान में कब से हुआ किन परिस्थितियों में जूझते हुए हुआ इस पर अपना विचार रखा इसी क्रम में अभिषेक गुप्ता ने अपने समय के शिक्षा व्यवस्था और अभी के समय में शिक्षा व्यवस्था पर तुलनात्मक विचार प्रस्तुत किया और अभी के शिक्षा प्रणाली को सर्वश्रेष्ठ बताया फिर एक - एक करके सभी भूतपूर्व छात्रों ने अपना विचार साझा किया और ज्ञान के महत्व को बताया और वर्तमान में अध्ययन रत विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य ने मिश्र ने कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी गण एवं महाविद्यालय के समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।



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