पढ़ाई के साथ-साथ स्कूल के कमरे में होगी मशरूम की खेती,
कइयों के लिए बनेगा रोजगार
रामानुजनगर - सूरजपुर जिले के विकासखण्ड रामानुजनगर में स्थित माध्यमिक शाला पतरापाली के छात्र- छात्राओं को इन दिनों मशरूम की खेती करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यालय के शिक्षक योगेश साहू ने बताया कि बच्चों को पढ़ाई के साथ- साथ व्यावसायिक अध्यापन में रोजगार पैदा करने के हुनर सिखाये जा रहे हैं। स्कूल में ही मशरूम की खेती कर बच्चों को कुछ करने का जज्बा तैयार किया जा रहा है और शिक्षा के साथ तमाम प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं। विद्यालय के छात्र- छात्राओं को इन दिनों मशरूम की खेती करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां स्कूल के एक कमरे में मशरूम उगाने की व्यवस्था की गई है। सफल होने पर इसे और अधिक मात्रा में किया जाएगा। स्कूल के बच्चे मिड डे मील के दौरान सब्जी के रूप में इसी मशरूम का उपयोग करेंगे। खास बात यह है कि इन बच्चों को अभी से ही रोजगार परख शिक्षा दी जा रही है, जो उनके भविष्य के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा।
स्कूल में ऐसे शुरू की मशरूम की खेती
स्कूल में विज्ञान की शिक्षिका अनिता सिंह के द्वारा विज्ञान विषय का अध्यापन कराया जा रहा था जिसमे मशरूम की खेती मात्र एक छोटे से खर्च से ही शुरू की जा सकती है। इसमें सामाग्री कीटनाशक, पानी, भूसा और बीज व कुछ अन्य दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली चीजों की आवश्यकता होती है। सभी चीजों का एक मिश्रण बनाकर तैयार कर उसके बाद भूसा उपचारित होने के बाद पन्नी के बंडलों में परत दर परत बीजों को रखते हुए बंद कमरे में रखा जाता है। क़रीब 15 से 20 डिग्री कमरे का तापमान होने पर बीज अंकुरित होने लगते हैं। लगभग 20 दिनो के बाद मशरूम पूरी तरह तैयार हो जाता है। इस प्रक्रिया से प्रेरित होकर शिक्षक योगेश साहू, अनिता सिंह एवं बच्चों द्वारा कमरे में मशरूम तैयार करने की सोच जागी। जिसे अभी काम मात्रा में तैयार किया गया। इससे बच्चों, पालकों को एक रोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया है।
पढ़ाई के साथ उच्च मिलेगा गुणवत्ता का भोजन
स्कूल के प्रधानपाठक बी आर हितकर ने कहा कि 6 वीं से लेकर 8 वीं क्लास में पढ़ने वाले बच्चों को न केवल मशरूम की खेती करने के गुर सिखाए जा रहे हैं बल्कि इस मशरूम को बच्चों की थाली में पहुंचाने की कोशिश भी की जा रही है। शिक्षको की यह कोशिश कारगर भी होगी। स्कूल के छात्र छात्रायें अब अपने माता-पिता के साथ मिलकर घर में ही मशरूम की खेती कर सकते है और बाजार में उसे बेच सकते हैं, इससे उसके परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी होगी।
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