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प्रधान आरक्षक की पत्नी व बेटी की हत्या का कुख्यात अपराधी कुलदीप साहू गिरफ्तार


 प्रधान आरक्षक की पत्नी व बेटी की हत्या का कुख्यात अपराधी कुलदीप साहू गिरफ्तार

  (गौतम गुप्ता )

 सूरजपुर । कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी व बेटी की हत्या करने वाले कुख्यात अपराधी कुलदीप साहू को बलरामपुर पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। उसे कड़ी सूरक्षा के बीच सूरजपुर लाया जा रहा है। बलरामपुर पुलिस ने उसका लोकेशन ट्रेस किया तो वह झारखंड के गोदरमाना इलाके में मिला। वह अंबिकापुर वापस आने के लिए बस में चढ़ा था। इसी बीच छत्तीसगढ़ सीमा से लगे झारखंड के गोदरमाना में थाने के सामने बस को रुकवाकर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

आदतन अपराधी कुलदीप साहू ने बेहद शातिराना तरीके से कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी मेहू फैज व बेटी आलिया शेख की नृशंस हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। दरअसल चौपाटी में प्रधान आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर खौलता तेल उड़ेलने की वारदात के बाद पुलिस द्वारा धर-पकड़ की कोशिश के दौरान आरोपी ने कार बदल ली थी।

उसने अपनी गाड़ी में दूसरे को बैठाकर भेज दिया और अलग-अलग थानों-चौकी की पुलिस उसी का पीछा करते हुए करवां लटोरी तक पहुंची। इस दौरान टीम ने उसके कार पर कुछ राउंड फायर भी किया। जबकि आरोपी इसी वक्त दूसरे वाहन से हेड कांस्टेबल के घर पहुंचा और उसकी पत्नी-बेटी की हत्या करने के बाद शवों को ठिकाने लगाकर फरार हो गया था।

इधर पुलिस सोचती रही कि जिस वाहन का वह पीछा कर रही है, उसी में आरोपी सवार है। इधर नगरवासियों ने पुलिस पर अपराधी को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। इसी को लेकर वे और ज्यादा आक्रोशित थे। प्रधान आरक्षक की पत्नी व बेटी की हत्या करने के बाद आरोपी पुलिस ने बचते हुए झारखंड भाग गया था। इधर पुलिस की कई टीमें उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थीं। संयुक्त पुलिस परिवार ने उसे गिरफ्तार करने वाले को 50 हजार रुपए तथा एन्काउंटर करने वाले को 1 लाख रुपए इनाम देने की भी घोषणा कर दी थी। 

इधर सूरजपुर में भी घटना को लेकर उबाल था। इसी बीच बलरामपुर पुलिस ने उसे झारखंड के गोदरमाना से दबोच लिया।  





*इधर मां-बेटी का किया गया अंतिम संस्कार* 



इधर मृतिका मेहू फैज व बेटी आलिया शेख का शव पीएम पश्चात गृहग्राम मनेंद्रगढ़ लाया गया।

मंगलवार को निवास स्थल टीवी टावर रोड से मौहारपारा के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान काफी संख्या में परिजन व मुस्लिम समाज के लोग शामिल रहे।