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सूरजपुर: परशुराम जयंती की तैयारियों को लेकर 'मातृ शक्ति' की बैठक, सामाजिक एकजुटता और संस्कारों के संरक्षण पर दिया जोर

 


सूरजपुर: परशुराम जयंती की तैयारियों को लेकर 'मातृ शक्ति' की बैठक, सामाजिक एकजुटता और संस्कारों के संरक्षण पर दिया जोर


गौरव मिश्रा सूरजपुर ✒️

सूरजपुर/ ब्राह्मण समाज 'मातृ शक्ति' सूरजपुर की एक महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक विगत संध्या १७ अप्रैल २०२६ को श्री शिव परशुराम धाममें संपन्न हुई। इस बैठक में आगामी २० अप्रैल (अक्षय तृतीया) को आयोजित होने वाले भगवान श्री परशुराम जयंती के कार्यक्रमों को भव्य बनाने और सामाजिक चेतना जागृत करने हेतु कई निर्णायक संकल्प लिए गए।


**प्रमुख निर्णय और चर्चा के बिंदु:**


 * **समान सहभागिता:** बैठक में निर्णय लिया गया कि जयंती के समस्त कार्यक्रमों में नगर की समस्त मातृ शक्ति की बराबर की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

 * **युवाओं और कन्याओं का आह्वान:** मातृ शक्ति ने विशेष रूप से कन्याओं से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है, ताकि वे अपनी धर्म-संस्कृति, संस्कारों और परंपराओं को करीब से समझ सकें और भविष्य में इनका निर्वहन कर सकें।

 * **संस्कारों की 'लक्ष्मण रेखा':** वर्तमान समय में असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए, हर परिवार से बच्चों को धार्मिक मर्यादाओं और संस्कारों की 'लक्ष्मण रेखा' समझाने का आग्रह किया गया। विप्र समाज की गरिमा बनाए रखने हेतु घर-घर में सांस्कृतिक मूल्यों को रोपने पर जोर दिया गया।


 * **युवा शक्ति को संदेश:**


 समाज की युवा शक्ति से अपेक्षा की गई कि वे भगवान परशुराम जी की सेना के रूप में सक्रिय रहें और धर्म, संस्कृति तथा कन्याओं की सुरक्षा हेतु सजग प्रहरी बनकर कार्य करें।


 * **सपरिवार उपस्थिति:** 

पुरुष वर्ग से विशेष आग्रह किया गया है कि वे यज्ञ-अनुष्ठान में अपनी पत्नियों के साथ अनिवार्य रूप से सम्मिलित होकर सामाजिक एकता का परिचय दें।


**इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति:**


बैठक में कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती शकुंतला तिवारी, वंदना शुक्ला, मधु ओझा, वर्षा मिश्रा, किरण उपाध्याय, संध्या तिवारी, मीरा अवस्थी, ऊषा अवस्थी, माया दुबे, सुषमा दुबे, कविता तिवारी, रिंकू उपाध्याय, हरिमाया शर्मा, रेखा तिवारी, कुमारी माधवी दुबे एवं कुमारी प्राची अवस्थी सहित अन्य मातृ शक्ति उपस्थित रहीं।


**"धर्म, संस्कार और संस्कृति का संरक्षण ही हमारे समाज का मूल आधार है। आइए, संगठित होकर भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव को गौरवमयी बनाएं।"**


*निवेदक: सर्व ब्राह्मण समाज मातृ शक्ति, सूरजपुर*