चिकित्सीय उपलब्धि: बी.एल. मेमोरियल हॉस्पिटल में जटिल सर्जरी सफल, गर्भवती महिला के मूत्राशय से निकाली 5x5 सेमी की पथरी
गौरव मिश्रा सूरजपुर ✒️
सूरजपुर / स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए बी.एल. मेमोरियल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं आई.वी.एफ. फर्टिलिटी सेंटर के डॉक्टरों ने एक अत्यंत जटिल और जोखिम भरे मामले में सफलता हासिल की है। अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने न केवल एक गर्भवती महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई, बल्कि उसके मूत्राशय (Bladder) से 5x5 सेंटीमीटर आकार की एक विशाल पथरी निकालकर माँ और बच्चे दोनों को नया जीवन दिया है।
अत्यधिक दर्द और प्रसव के बीच बड़ी चुनौती
मामला पिछले दिनों का है, जब एक 9 माह की गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला को प्रसव दर्द के साथ-साथ हर 10 मिनट में पेशाब आने की गंभीर समस्या हो रही थी। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. कमलेश जायसवाल द्वारा किए गए विस्तृत अल्ट्रासाउंड परीक्षण में यह खुलासा हुआ कि महिला के मूत्राशय में 5x5 सेमी की एक बड़ी पथरी फंसी हुई है।
दोहरी सर्जरी: पहले सुरक्षित प्रसव, फिर पथरी का ऑपरेशन
गर्भावस्था के अंतिम चरण और पथरी के बड़े आकार के कारण सिजेरियन ऑपरेशन (C-Section) करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। जोखिम को देखते हुए डॉ. खेमज्योति जायसवाल और डॉ. दिव्या गुप्ता की टीम ने सबसे पहले सिजेरियन ऑपरेशन कर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके तुरंत बाद, विशेषज्ञ डॉ. निलेश जायसवाल ने मोर्चा संभाला और सफलतापूर्वक मूत्राशय से पथरी को बाहर निकाला।
डॉक्टरों का कथन
ऑपरेशन की सफलता पर डॉ. निलेश जायसवाल ने बताया, "पथरी का आकार सामान्य से काफी बड़ा था। गर्भाशय के दबाव और प्रसव की स्थिति के कारण यह सर्जरी बहुत चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन सटीक प्लानिंग और टीम वर्क से हम माँ और बच्चे दोनों को सुरक्षित बचाने में सफल रहे।"
माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस सफल ऑपरेशन के बाद माँ और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस जटिल केस की सफलता ने अस्पताल की विशेषज्ञता और आधुनिक चिकित्सा प्रणाली पर एक बार फिर मुहर लगा दी है। परिजनों ने इस सफल उपचार के लिए डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त किया है।


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