छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ का हुआ गठन
अशासकीय विद्यालयों को सुदृढ करने एवं उसकी समस्याओं के निराकरण हेतु गठित प्रदेश स्तरीय संगठन
सुबोध राठी बने प्रदेशाध्यक्ष
मनोज पाण्डेय बने प्रदेश सचिव
गौरव मिश्रा सूरजपुर ✒️
विगत 7-8 वर्षों से अपनी विभिन्न मांगो को लेकर संघर्षरत अशासकीय विद्यालयों ने अंततः अपना प्रदेश स्तरीय संगठन तैयार किया। विगत दिनों धमतरी के गंगरेल में हुई वृहद प्रदेश स्तरीय बैठक के नया संगठन तैयार करने की घोषणा की गई जिसका प्रदेश अध्यक्ष सर्वसम्मति से श्री सुबोध राठी (धमतरी) एवं प्रदेश सचिव श्री मनोज पाण्डेय (जांजगीर चांपा) को बनाया गया।
विदित हो कि RTE की विसंगतियों से अशासकीय विद्यालय विगत कई वर्षों से जूझ रहे हैं। RTE का पैसा समय पर नहीं मिलना सबसे बड़ी समस्या है अशासकीय विद्यालयों की प्रमुख मांग है कि सत्र समाप्त होते ही प्रतिपूर्ति राशि विद्यालयों को मिलनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर अशासकीय विद्यालयों को दी जाने वाली प्रतिपुर्ति की राशि का निर्धारण 2011 में हुआ था उसी अनुसार अभी तक राशि दी जा रही है जबकि विगत 6-7 वर्षों से लगातार प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि की मांग की जा रही है। हमारी मांग है कि शासन को शासकीय विद्यालय में प्रतिछात्र प्रतिवर्ष जितना व्यय आता है उतना ही अशासकीय विद्यालय को प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान किया जाय।
RTE अंतर्गत अध्ययनरत् बच्चों को गणवेश एवं पुस्तक हेतु दी जाने वाली राशि अत्यंत कम है जिसे बढ़ाकर 2000/- किये जाने की मांग भी कई वर्षों से की जा रही है। शासन की सरस्वती सायकल योजना का लाभ अशासकीय विद्यालय में पढ़ने वाली गरीब छात्राओं को भी मिलना चाहिये। इसी प्रकार शासन द्वारा वितरण की जाने वाली पाठ्य पुस्तक समय पर एवं संकुल स्तर पर प्राप्त हो यह भी बड़ी मांग है। स्कूल बसो की वैधता को 12 वर्षों से बढ़ाकर 18 वर्ष किया जाना चाहिये। इस हेतु भी सरकार से पहल अपेक्षित है।
इन मांगो को लकर विगत 7-8 वर्षों से अशासकीय विद्यालय लगातार संघर्षरत हैं तथा विभिन्न माध्यमों से सरकार के समक्ष अपनी मांगो का उठाते रहे है परन्तु आज तक कोई सकारात्मक परिणाम नही निकला है। अंततः प्रदेश से विभिन्न जिलो के जिला संगठनों ने मिलकर अपना प्रदेश स्तरीय संगठन तैयार किया जिसके माध्यम से शासन के उचित फोरम पर अपनी बात रखी जा सके।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी एवं सचिव मनोज पाण्डेय ने बताया कि अभी 24 जिले के संगठन प्रदेश संगठन से जुड़ गए हैं। शीघ्र ही सभी 33 जिलो में संगठन का विस्तार किया जाएगा। वही अपनी मांगो को लेकर अतिशीघ्र माननीय मुख्यमंत्री एवं शिक्षा सचिव से भी प्रतिनिधि मण्डल मुलाकात करेगा। वर्तमान सरकार प्रदेश के सभी वर्गों के हित में कार्य कर रही है हमे पूरा विश्वास है कि वो हमारी मांगो को भी पूर्ण करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी।
बैठक में धमतरी जिले से विनोद पाण्डे, तिहारू सिन्हा, धीरज अग्रवाल, तरूण भाण्डे, बसंत गजेन्द्र, गजेन्द्र पटेल, विशेष लखोटिया, पारखदास मानिकपुरी, गोपाल साहू, जांजगीर चांपा जिले से मनोज पाण्डेय, आलोक शुक्ला, सुरेश साहू, बलौदाबाजार भाटापारा से मनोज गुप्ता शशिकांत साहु, बालोद से कमलनारायण साव ललित गौर, मनोज सिंग, विजय साहु, परुषोत्तम साहू, सुमन साहू, सारंगढ़ से विशंभर साहू, हरिनारायण पाण्डेय, संतराम जायसवाल, गरियाबंध से स्टेफन बर्न, अब्दुल अख्तर, पुष्कर गोस्वामी, कांकेर से उमेश साहू, सुमित जायसवाल, लिलेश ठाकुर, गौराम हिरवानी, गितेश्वर पटेल, गौतम विश्वकर्मा, कोरिया जिले से रामकिंकर पाण्डेय, दुर्ग से जगदीस यादव, कोरबा से अक्षय दुबे, राकेश मिश्रा, धरमलाल, मुंगेली से सोमनाथ बंजारे, सुनील लहरे, गुलाबचंद अनंत, नरबद कश्यप, ब्रहमदत्त त्रिपाठी, बिलासपुर से राजकुमार सिंग, राजनांदगांव से प्रकाश यादव, जगदलपुर से कुलदीप प्रकाश, रणवीर गौतम, चंन्द्रभूषण पाण्डे चंद्रभान सिंग, सुरजपुर से नीरज सिंह राजपूत सहित विभिन्न जिले के जिला संगठन पदाधिकारी उपस्थित थे।

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